अलबेला रघुवर आयो जी
यह एकट्टा लोकगीत होता है जो मैथिली सभ्यता का रूपक हैं. इसमें अनगिनत भावना का विवरण मिलता हैं.
यह लोकगीत अम्मी और पोते के भावना को हैं. इस लोकगीत में सभी मनुष्य की जीवन को काफी खूबसूरती से प्रस्तुतकिएगा है.
यह गीत अलग-अलग उम्र के लोगों को खुशी देता है.
मैथिली पारंपरिक विवा